क्षेत्रीय दूरसंचार अभियांत्रिकी केंद्रों के कार्य

टी ई सी की जीआर/आईआर आदि के आधार पर, क्षेत्रीय दूरसंचार अभियांत्रिकी केंद्र दूरसंचार उत्पादों/उपकरणों के मूल्यांकन और प्रभावीकरण के परीक्षण हेतु उत्तरदायी है। भारत में चार अभियांत्रिकी केंद्र हैं- उत्तर, दक्षिण, पूर्व तथा पश्चिम में तथा उप महानिदेशक इनमें कार्यालय प्रमुख होता है । एक आवेदक को जिस आरटीईसी के क्षेत्राधिकार  मे उसका उत्पादन संयंत्र है, वहां जाकर आवदेन करना होगा । विदेशी दूरसंचार उपकरणों के व्यापारी/विक्रेता/स्थानीय कार्यालय को उस दूरसंचार अभियांत्रिकी केंद्र में आवेदन करना होता है, जिसमें उसका मुख्यालय स्थित होता है।

 

कार्यः-

* टीईसी की जीआर/आईआर/आवेदकों के विनिर्देशों के आधार पर दूरसंचार उत्पादों के प्रमाणीकरण और अनुमोदन के लिए आवेदनों का पंजीकरण करना ।

* दूरसंचार उत्पादों/सेवाओं का विनिर्देशों के आधार पर परीक्षण करना ।

* विभिन्न उत्पादों पर विक्रेताओं के विनिर्देशों, जिसमें उत्पादक और व्यापारी शामिल होते हैं, आवश्यक निरीक्षण और कार्रवाई के लिए प्रतिपुष्टि का संलकन करना।

* दूरसंचार परीक्षणों और प्रमाणीकरण नीतियों पर टीईसी मुख्यालय को तकनीकी सहायता प्रदान करना।

* जी आर/आई आर दस्तावेजों का विक्रय करना/की बिक्री करना ।