एम2एम वर्किंग ग्रुप

  1. दूरसंचार विभाग की एनटी सेल एम2एम कम्युनिकेशन पर पॉलिसी बनाने पर कार्य कर रही है । टीईसी को स्टेकहोल्डर के माध्यम से स्टडि आरंभ करने और भारतीय विशिष्ट मानकों/विशिष्टि को फ़ाइनलाइज करने का काम दिया गया है और अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण में योगदान देना भी कार्य है ।
  2. टीईसी में मार्च, 2014 में पाँच मल्टी स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप बनाए गए जिनका विवरण नीचे दिया गया है । टीईसी, दूरसंचार विभाग, दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसटीपी), ओईएम, आर&डी संगठन, वर्टिकल इंडस्ट्रीज़, एमएनसी, आईटी,आईटीईएस, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्रीज़ अँड स्टैंडर्डआइजेशन निकायों (ईटीएसआई,टीएसडीएसआई,बीआईएस आदि) आदि वर्किंग ग्रुप के सदस्य हैं ।
    • एम2एम गेटवे एंड आर्किटैक्चर
    • पावर
    • औटोमोटिव
    • स्वास्थ्य
    • सुरक्षा और निगरानी
  1. संयुक्त वर्किंग ग्रुप (जेडबल्यूजी) : इसमें सभी वर्किंग ग्रुपों के सदस्य शामिल होते हैं ।
  2. जून 2015 में निम्नलिखित नए ग्रुप बनाए गए :
    • सुरक्षा (एंड टु एंड सेक्योरिटी ऑफ एम2एम डोमेन)
    • स्मार्ट शहर
    • स्मार्ट होम
    • स्मार्ट गाँव और खेती
    • स्मार्ट वातावरण (वातावरण की निगरानी और प्रदूषण कंट्रोल)
    • स्मार्ट गवर्नेंस
  3. वर्किंग ग्रुप संयुक्त वर्किंग ग्रुप की बैठक में तैयार एवं अनुमोदित किया गया । (यहाँ क्लिक करें)
  4. एम2एम ग्रुप की तकनीकी रिपोर्ट (रीलीज़ 1 और रीलीज़ 2)। (यहाँ क्लिक करें)

 

एम2एम/आईओटी का संक्षेप वर्णन

  • इंटरनेट से जुड़े हुये कंप्यूटरों द्वारा आपस में बातचीत की जा सकती है । मोबाइल फोन के प्रयोग द्वारा इंटरनेट से जोड़ने के पूरे दृश्य को क्रांतिकारी बना दिया । इंटरनेट ऑफ थिंग (आईओटी) के साथ इंटरनेट के द्वारा कम्युनिकेशन बढ़ गया है ।
  • पहली नजर में मशीन से मशीन (एम2एम) कम्युनिकेशन और आईओटी समान प्रतीत होती हैं । वास्तव में, एम2एम आईओटी का सबसेट है । आईओटी में एम2एम और मानव से मशीन कम्युनिकेशन भी शामिल है । इंटरनेट ऑफ थिंग्स के लिए एनबलिंग प्रौद्यिगिकियाँ हैं –सेन्सर नेटवर्क, आरएफ़आईडी,एम2एम, मोबाइल इंटरनेट, टार और बेतार कम्युनिकेशन नेटवर्क, सेमन्टिक डाटा इंटिग्रेशन, सेमन्टिक सर्च आदि । बेतार कम्युनिकेशन में वाईफाई,जिगबी, 6लोपन, ब्लुटूथ तकनीकों को भी थोड़ी दूरी पर डिवाइसों से कनेक्ट करने के लिए प्रयोग किया जाता है । एम2एम गेटवे को वांछित सर्वर से कनेक्ट करने के लिए जीएसएम2जी/3जी/एलटीई/वाई –मैक्स का भी प्रयोग किया जा सकता है ।
  • डिवाइसों से जनरेट किया गया डाटा प्लानिंग, प्रबंधन, पॉलिसी डिसिशन मेकिंग के लिए महत्वपूर्ण इनपुट के रूप में कार्य करता है ।
  • आईओटी/एम2एम की एप्लिकेशन के उदाहरण डोमेन में हैं जैसे स्मार्ट ऊर्जा, स्मार्ट स्वास्थ्य, स्मार्ट बिल्डिंग, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, स्मार्ट लिविंग और स्मार्ट शहर ।
  • बार्सेलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड काँग्रेस-2014 में वर्ल्ड टेलीकॉम लीडरों ने दिखाया कि वर्ष 2020 तक विश्व में 50 बिलियन कन्नेक्टेड डिवाइस हो सकती है । ऐसे प्रॉजेक्शन ने उद्योगों को एक्सप्लोर करने और अवसरों को विस्तृत करने के लिए ललचाया जो एम2M(मशीन से मशीन) कम्युनिकेशन कान्सैप्ट ऑफर करता है, नॉवेल बिज़नस केसों को एनबलिंग करता है, वर्कफ़्लो को बढ़ाने, जीवन की कुशलता और सुधारी गयी गुणवता में हैं ।
  • एम2एम के संदर्भ में, मुख्य दूरसंचार मानक निकाय जैसे 3जीपीपी, ईटीएसआई और एक एम2एम सिफ़ारिश करने और मानक प्रदान करने में शामिल हैं । एक एम2एम ने जनवरी 2015 में मानकों का पहला सेट जारी किया ।