रेडियो प्रभाग (आर)

रेडियो प्रभाग टेरेस्ट्रियल रेडियो कम्युनिकेशन और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम के लिए ग्राउंड उपकरण पर वर्गीय आवश्यकताएं (जीआर) तैयार करने, सब-सिस्टम के प्रमाणीकरण/ टेस्टिंग, दूरसंचार नेटवर्क के लिए इंटरफेस आवश्यकताएं (आईआर), बीएसएनएल/ एमटीएनएल को फील्ड सपोर्ट और दूरसंचार विभाग को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है ।

कार्य :

  1. टेरेस्ट्रियल रेडियो संचार और सैटेलाइट संचार उपकरण के लिए सामान्य आवश्यकताएं/इंटरफ़ेस आवश्यकताएं, टेस्ट शिड्यूल/ टेस्ट प्रक्रिया तैयार करना और समीक्षा करना ।
  2. भारतीय दूरसंचार नेटवर्क में लाने हेतु रेडियो और सैटेलाइट कम्युनिकेशन उपकरण की फील्ड ट्रायल तथा टेस्टिंग एवं मूल्यांकन ।
  3. विद्युतचुंबकीय इनर्फिरन्स और विद्युतचुंबकीय अविरोध (ईएमआई/ईएमसी) मानक ।
  4. रेडियो तरंग प्रसारण अध्ययन ।
  5. आईटीयू-टी एसजी-5: विद्युत चुम्बकीय और जलवायु परिवर्तन से कॉरस्पान्डिंग हेतु नेशनल वर्किंग ग्रुप में सहभागिता ।
  6. आईटीयू-आर एसजी-5: टेरेस्ट्रियल सेवाएं से कॉरस्पान्डिंग हेतु नेशनल वर्किंग ग्रुप में सहभागिता ।
  7. नए उपग्रह आधारित सेवाओं के लिए दूरसंचार विभाग को तकनीकी सहायता प्रदान करना ।
  8. आईसीसी (आईएनएसएटी समन्वय समिति) की टीएजी (तकनीकी सलाहकार ग्रुप) में सहभागिता ।
  9. उपग्रह मीडिया पर नियामक और तकनीकी कोण से दूरसंचार सेवाओं और प्रसारण सेवाओं के लिए प्रस्तावों की जांच के लिए एपेक्स कमेटी की बैठकों में भागीदारी।
  10. फ्रिक्वेन्सी समन्वय पर डब्ल्यूआरसी बैठकों और एपीटी फोरम में सहभागिता ।
  11. इंटर सिस्टम सैटेलाइट समन्वय बैठकों में भागीदारी ।
  12. आपदा संचार का अध्ययन ।
  13. टीईसी आईएसओ 9001: 2008 ।

 

केंद्र-बिंदु क्षेत्र :

 रेडियो प्रभाग निम्नलिखित संबंधित मानकीकरणों से संबंधित कार्य करता है :

  • माइक्रोवेव उपकरण ।
  • एंटेना, फीडर केबल और वेव गाइड ।
  • मापन उपकरण ।
  • ईएमसी मानक ।
  • टावर्स और मस्तूल ।
  • सी और केयू बैंड में ऑपरैटिंग, भूतल स्टेशन एंटेना और इसके उप सिस्टम ।
  • विभिन्न क्षमताओं के सी और केयू बैंड में सॉलिड स्टेट पावर एम्पलीफायर (1 + 1) सिस्टम ।
  • सैटेलाइट आरएफ ट्रांसरिसीवर्स ।
  • सी और केयू बैंड में ऑपरैटिंग, मंद शोर एम्पलीफायर उप सिस्टम ।
  • सी और केयू बैंड में ऑपरैटिंग, इंटरमीडिएट डेटा रेट (आईडीआर) उपकरण ।
  • डिजिटल सर्किट गुणन उपकरण (डीसीएमई) ।
  • डिजिटल सैटेलाइट फोन सिस्टम ।
  • लंबी दूरी सैटेलाइट टेलीफोन (एलडीएसटी) ।
  • मल्टी चैनल प्रति कैरियर बहुत छोटा एपर्चर टर्मिनल (एमसीपीसी वीएसएटी) ।
  • आईएफ़ संयोजक/डिवाइडर, आरएफ शक्ति डिवाइडर और संयोजक ।
  • सी और केयू बैंड में अंतर सुविधा अपलिंक और डाउनलिंक के लिए वेव गाइड ।
  • सी और केयू बैंड में अंतर सुविधा अपलिंक और डाउनलिंक के लिए फीडर केबल ।
  • एंटीना (एफटीटीए) के लिए फाइबर ।
  • टॉवर माउंट एम्पलीफायर ।
  • पोर्टेबल सैटेलाइट टर्मिनल ।

 

आईटीयू-आर और डब्ल्यूपीसी के लिए स्पेक्ट्रम प्रबंधन पर योगदान

  • आईटीयू-आर अध्ययन समूह-4 के लिए इनपुट पेपर: सैटेलाइट सर्विसेज और स्टडी ग्रुप-5: टेरेस्ट्रियल सेवाएं ।
  • डब्ल्यूआरसी- 2015 की एनपीसी की बैठक में भागीदारी ।
  • डब्ल्यूपीसी की राष्ट्रीय आवृत्ति आवंटन योजना (एनएफएपी) की समीक्षा के लिए इनपुट पेपर ।

 

राष्ट्रीय योजनाएं :

  • प्राकृतिक आपदा के दौरान दूरसंचार सहायता के समन्वय हेतु मानक संचालन प्रक्रिया ।
  • हाईऐल्टिटूड प्लेटफ़ॉर्म स्टेशन (एचएपीएस) ।

 

अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियां :

  • आईएसओ 9001: 2008 के लिए स्थापित लेखा परीक्षा और प्रबंधन समीक्षा ।
  • भारत में दूरसंचार उपकरणों के अनिवार्य परीक्षण के कार्यान्वयन के लिए समिति की बैठकों का आयोजन करना ।
  • आईटीयू-टी एसजी 5 : पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के तहत एनडब्ल्यूजी की बैठक आयोजित करना ।
  • आईटीयू-आर एसजी 5 : टेरेस्ट्रियल सेवाएं के तहत एनडब्ल्यूजी की बैठक आयोजित करना ।
  • आईटीयू-टी एसजी 4: सैटेलाइट के अंतर्गत एनडब्ल्यूजी में भाग लेना ।
  • एनडीएमए बैठकों में भागीदारी ।
  • संचार उपग्रह पर टीएजी और एपेक्स कमेटी में भागीदारी ।